सुनसान कमरा और उसके एक कोने से सटी टूटी खटिया पर लेटा वरुण अपनी फूलती सांसों को संभाले ना जाने कौन से ख्वाब में गुम था. शायद वो कोई सपना देख रहा था. कोई ऐसा सपना जिसका हकीकत से फासला अब केवल नाम मात्र ही बचा था. तभी अचानक उसकी आंखें खुलीं और...
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