घड़ी में करीब 2:30 बज रहे थे. बेहद खामोशी भरा मंजर था. पूरा अस्पताल चुप्पी की ज़द में कैद था कि तभी अचानक एक रिक्शा अस्पताल के गेट पर आकर रुका. एक अनजान सा आदमी किसी औरत को सहारा देते हुए अस्पताल के अंदर दाखिल हुआ...
Read more - Original news link
Be the first person to like this.
Similar news
स्मिता और राकेश का अपने नए फ्लैट में पहला दिन था. दोनों खुश थे कि आखिरकार उन्हों...
12 May, 05:29
जब आधी रात आदित्य की आंखों से अचानक नींद उड़ गई...वजह थी टेलीफोन की एक आवाज़. कम...
01 May, 05:27
अयान अपने कदमों को रोक न पाया और धीरे-धीरे उसी तरफ बढ़ने लगा. कुछ ही कदमों का फस...
10 May, 05:09
रात के करीब 2 बजे अचानक रागिनी की आंखे खुली, उसने महसूस किया कि कमरे की खिड़की ख...
15 May, 05:39
एक रोज़ जब आदित्य स्कूल से लौटकर घर आया, तो अपने बिस्तर पर बैठे आराम से फोन चला ...
01 June, 06:33
सियाह-काली रात का सन्नाटा, सुनसान रास्ता और उसपर हवाओं के झोंके मानों उन दोनों क...
05 May, 05:31
प्रियंका आज काफी थकी हुई थी, एक तो पूरे दिन शिफ्टिंग का काम ऊपर से किराये को लेक...
08 June, 06:50
सुनसान कमरा और उसके एक कोने से सटी टूटी खटिया पर लेटा वरुण अपनी फूलती सांसों को ...
09 May, 05:27