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महाशमशान की महान भैरवी : शिवांगी
जय महाकाली जय महाकाल इस पुस्तक में मैंने अपने एवं अपने मित्रो के अनुभव जोड़े है ! इस पुस्तक में आपको आपके प्रत्येक प्रश्न के उत्तर प्राप्त हो, यह मेरी पूरी कोशिश है ! मैंने माँ के आशीर्वाद रूपी प्रेरणा से इस पुस्तक को निर्मित किया है एवं स्वयम सहित इस पुस्तक को महाकाली जी के चरणों में भेंट किया है ! सब चाहते है सभी को श्री राम जैसा सर्वोत्तम गुणी पुत्र प्राप्त हो, लक्ष्मण भारत शत्रुघ्न जैसे भाई मिले, माता सीता जैसी गुणी पत्नी प्राप्त हो, हनुमान जी और मीरा जी जैसी भक्ति प्राप्त हो तो मैंने इस पुस्तक में वह विधान लिखा है जिससे आप ऐसी गुनी संतान प्राप्त कर सकते है .. श्री राम आदि तो अवतारी थे .. यहाँ जो विधान है वह सर्वोत्तम है आपको अपने बच्चो के पीछे लट्ठ ले कर समझाना नहीं पड़ेगा ! यक़ीनन आप सोच रहे होंगे क्या मैंने इस विधान का उपयोग किया है .. तो हा मैंने भी किया है और मेरी बेटी ऐसी है जो कम समय में तीव्रता से सिख लेती है, स्वतः पढ़ाई करती है, अपने आप में कुछ न कुछ करती ही रहती है, स्कूल से कोई शिकायत नहीं सबसे ज्यादा पसंदीदा है मेरे खानदान में .. तो मैं कह सकता हूँ ये विधान आज भी कार्य कर रहा है ! आपकी समस्या क्या है ? आप उस समस्या को क्यों फेस कर रहे है ? आपको धन की दिक्कत क्यों है ? पति अथवा पत्नी का स्वाभाव आपसे विपरीत क्यों है ? बच्चे क्यों नहीं हो रहे आपके ? आपके बच्चे गर्भ में ही क्यों मर जाते है ? आपने कभी किसी का बुरा किया नहीं फिर आपके साथ ही बुरा क्यों होता है ? आप की कुंडली के अनुसार आपका पिछला जीवन क्या था ? आपके बच्चो का मन पढाई में क्यों नहीं लगता ? तंत्र सिखने के लिए शिव जी ने किस उम्र को उचित बताया है ? तंत्र क्या खतरनाक विज्ञान है ? तंत्र से सम्बंधित हर प्रश्न का उत्तर इस पुस्तक में लिखने की कोशिश है ! आपमें से कई लोग आत्महत्या तक का विचार रखते है, जिसमे प्रेम में असफल, पढाई में असफल, असफलता का भय, लोग क्या कहेंगे का भय, माता पिता से भयभीत बच्चे, कर्ज में उलझन का भय, तकाजे का भय, व्यापार में घाटे का भय आदि आदि के कारन लोग आत्महत्या का विचार कर लेते है तो मेरा सुझाव है इस पुस्तक को पढ़े .. तंत्र का बेसिक आरम्भ करते हुए ये कथा /कहानी आपको बहुत कुछ सिखाएगी, मंत्र एवं विधान मैंने अपने अनुभव से लिखे जरुर है .. क्योकि मैं समझता हु की आप को तंत्र के समुद्र की गहराई का अंदाजा ही नहीं तो गहराई को नापेंगे कैसे ? चलो एक डूबकी लगाते है ... तंत्र के साथ अघोर विद्या और शाबर मंत्र के साथ अप्सरा, यक्षिणी और महाविद्या पर लिखने का प्रयास है .. जो कुछ मैंने किया है वह पुस्तक में समेटने की कोशिश है ! मंत्र को सार्वजानिक नहीं लिखा जाता ये मैं खुद कहता हु फिर भी मैंने पुस्तक में लिखा है .. क्यों ? सिर्फ इसलिए की आप उस विषय पर थोडा जान ले, गुरु धारण कर उस मंत्र एवं विधान को गुरु मुख से प्राप्त कर साधना करे ... असफल हो ही नहीं सकते लिख लो स्टाम्प पेपर पर ! इसलिए मैंने कभी ये नहीं कहा ये करो ये हो सकता है मैंने हमेशा कहा है ऐसा करो सफल हो जायेंगे ! पुस्तक लिखने का कारन कुछ नहीं, तंत्र के नाम पर लडकियों को नंगा कर सम्भोग करना, पैसे की लूटमारी करना इससे दुखी था ! तंत्र में स्त्री को मन से भोग लेने वाला भी साधक की श्रेणी में नहीं है ये बात पत्थर की लकीर है ! पैसे माँगना भी गलत है ... हाथ में लेना तो दूर की बात है ! पुस्तक को पढ़िए .. चिंतन मनन करिए ... फिर मुझसे संवाद करे ... जय महाकाली माँ जय महाकाल https://www.triansh.com/shivangi https://www.facebook.com/shamshanbhairvi/ https://www.facebook.com/gapsonline/
International Yoga & Paranormal Research Center
IYPRC:- INTERNATIONAL YOGA & PARANORMAL RESEARCH CENTER. हम अंतरराष्ट्रीय शहरो में योग एवं पेरानॉर्मल सेंटर खोलने हेतु प्रतिबद्ध है । योग में भविष्य उज्ज्वल है, इसे कॅरिअर के रूप में स्थापित करे । आरंभिक समय प्रातः 5 से 6:30, सेलेरी 10000 INR PM, ऑनलाइन अप्लाई करें । सभी बीमारियो को सूर्य नमस्कार के माध्यम से हटाने के साथ असामान्य ऊर्जा के क्षेत्र से मदद लेते हुए कार्य करे । ************************************************************************************************************** योग सेंटर के लिए अपने आस पास जमीन देखिये या भवन देखिये।  इसके बाद आप उस जगह को निःशुल्क लेने की कोशिश करिये।  हमारे द्वारा भेजे गए फ्लेक्स बैनर को लगा दीजिये, और पेम्पलेट का वितरण अपने मित्रो, शुभचिंतको, रिश्तेदारों में बाँट दीजिये।  इसके बाद आप भेजे गए बीमारियों की लिस्ट के अनुसार लोगो का रजिस्ट्रेशन करे और हमारे द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करे।  हम प्रतिबद्ध है पुरानी से पुरानी बीमारी को जड़ से मिटा देने हेतु । रजिस्ट्रेशन चार्ज रुपये पांच सौ साठ है जिसमे जी एस टी  शामिल है।  यदि किसी कारणवश बीमारी ठीक नहीं होती है तो हम अपने रिसर्च के नियम के अनुसार पुरे पैसे लौटने के लिए वचनबद्ध है। योग में केवल सूर्य नमस्कार ही करवाया जायेगा।  ************************************************ कुछ विशेष उपलब्धियों हेतु : किसी व्यक्ति को सांप ने काट लिया और डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया दिया हो और उस व्यक्ति को जलाने से पूर्व आपको सुचना मिले तो तुरंत मृत व्यक्ति के रिश्तेदार को कहे की शरीर का दाह संस्कार नहीं करे।  आप मृत व्यक्ति के शरीर के पास जाये और ब्लेड से उसके शरीर पर चीरा लगा कर देखे की क्या उसके शरीर से खून निकल आया है ? यदि हां तो फिर हमसे संपर्क करे --- हम ट्रीटमेंट शुरू करेंगे।  ध्यान रखिये की अगले सात दिन तक वह व्यक्ति मरेगा नहीं।  ईश्वर ने चाहा तो हम अगले १२ घंटे में उसे खड़ा कर देंगे।  एडिक्शन से बचाव : शराब को पानी की तरह पीने वाले व्यक्ति का नशा, या तम्बाखू या अन्य  नशे को छुड़ाने के लिए काम करिये। तीन दिन में कैसा भी नशा हो छुड़ाया जा सकता है।  या साप्ताहिक ट्रीटमेंट के जरिये अधिकतम ८ रविवार लगेंगे।  घुटने के दर्द का जड़ से इलाज : डॉक्टर कहता है ऑपरेशन करना होगा, व्यक्ति सीधा खड़ा नहीं हो रहा तो हम उसे दौड़ा देने की स्थिति में लाएंगे।  शुगर का जड़ से इलाज : अधिकतम ३ माह में, व्यक्ति कभी ये फील ही नहीं करेगा की उसे कभी शुगर की बीमारी थी।  बिस्तर पर जिंदगी जी रहे लोगो को खड़ा करने के लिए :  जी हां उन्हें खड़ा किया जा सकता है और नर्क रूपी जीवन से बहार निकाला जा सकता है। विश्वास तो करना ही होगा।  **************************************************************** आध्यात्मिक सफर अथवा पेरानॉर्मल की दुनिया में प्रवेश करे : बिलकुल संभव है की आप अपने चक्रो को बेलेंस करे योग से, ध्यान से और स्वयं को स्वस्थ रखे।  सुदूर ब्रह्माण्ड से आने वाली ऊर्जा आकाश गंगा के माध्यम से पृथ्वी के मेरुदंड तक आती है, वहा से हिमालय में फैलती हुई मणिपुर/अरुणाचल प्रदेश के अति गोपनीय शाँग्रीला घाटी जाती है इसलिए हिमालय में की जाने वाली साधनाये सफल होती है।  चीन इस घाटी की तलाश में बार बार सीमा उलंघन करता है, लेकिन ये इतनी गोपनीय है की किसी को मिलना तो दूर जानकारी तक नहीं मिलती। ध्यान रखिये तीस प्रतिशत दुनिया प्रकाशवान है, सत्तर प्रतिशत दुनिया में अन्धकार है।  आप तीस प्रतिशत दुनिया को देख समझ रहे है, यहाँ के ज्ञान को ही सर्वोपरि मान रहे है।  आपको अंधकार से भय लगता है कभी सोचा है क्यों ?  अन्धकार की अधिशास्त्री देवी महाकाली और देव महाकाल है।  इनकी ऊर्जा समस्त देवी देवताओ की ऊर्जा से कही ज्यादा प्रचंड है,  पूछेंगे क्यों ? तो जवाब है वे अन्धकार की काली, गहन काली दुनिया के देवी देवता है।  अन्धकार से हमेशा आपको वो मिलता है जिसकी आपको जरुरत है।  भौतिक सुख सुविधा तो गौण है यहाँ पर।  साधना करते जाए गहरे से गहरे अंधकार में जाइये वो दुर्लभ ज्ञान और सिद्धि मिलेगी जिसकी आपने कल्पना नहीं की।  इसमें शुन्य साधना : हाथ में मन चाहि वास्तु मंगवाना। समस्त सिद्धि प्रदायक है ये अंधकार, पर ध्यान रखे ये नकारात्मक उर्जाये नहीं है होती तो शिव और शिवा इसके देवी देवता नहीं होते, अन्धकार से डरिये नहीं। भूत प्रेत और गृह नक्षत्रो की जिम्मेदारी है कमजोर आत्मविश्वास वाले लोगो को इस गहन काली दुनिया से दूर रखने की। यहाँ पर इतनी प्रचंड ऊर्जा का भंडार है की यदि स्त्री /कुंवारी कन्या इस क्षेत्र में आ जाये तो उसकी ताकत ज्यादा हो जाएगी की वह पृथ्वी निर्माण कर दे।  पुरुष के लिए यहाँ पर सबसे ज्यादा विघ्न होते है, क्योकि पुरुष में पुरुषत्व का अहंकार है और वह छोटी छोटी बात पर लोगो का विनाश कर सकता है जबकि स्त्री को दया भाव के कारण इस दुनिया में प्रवेश आसान होता है।  स्त्री वासना पुरुष में बढ़ा दी जाती है और अधिकतर पुरुष इसमें फिसल जाते है तब वे पतन को प्राप्त होते है।   आँखों से स्टील पिघला देना, किसी को देखते  ही ठीक कर देना, पशु पक्षियों से या पेड़ पौधों से बात करना, जिस पत्थर को छू ले उसे जाग्रत कर देना बहुत मामूली बाते है इस काली गहरी अँधेरी दुनिया के लोगो के लिए।  इस दुनिया में प्रवेश किया जा सकता है, लाभ लिया जा सकता है।  इसके लिए हमने https://www.triansh.com/uprc ग्रुप  बनाया है जिसमे सलेक्टेड लोगो को जोड़ा जा रहा है।  निःसंदेह कुछ शर्ते है  ये ज्ञान मुफ्त में नहीं दिया जायेगा, इसका शुल्क एक बार लिया जायेगा पांच सौ साठ रुपये।  प्रवेश योग्यता :  गुरु आज्ञा सर्वोपरि, साधना को नियमित अनुशासन से करना, अपने अनुभव सिर्फ गुरु से शेयर करना, स्त्री हु पुरुष हु के भाव से मुक्त होना अनिवार्य, कई साधक/ साधिका साधना में शर्म करते है।  ये अति घातक है अतः इस भाव से बहार निकलना अनिवार्य है। साधना घर पर ही करेंगे या दिशा निर्देश के अनुसार।  इस IYPRC ग्रुप में सभी साधक /साधिका एक दूसरे का दिल से सम्मान करेंगे, साधक स्त्री साधक को पूजित करेंगे क्योकि यहाँ शक्ति की उपासना होनी है, माँ के भाव से हर स्त्री को देखा जायेगा, स्त्री साधिका संग कोई सम्भोग का भाव लाना, आपको हमेशा हमेशा और जन्म जन्मांतर तक प्रतिबन्ध लगा देगा ये ध्यान रखे अनिवार्य रूप से।  आप निर्णय करे आपको क्या चाहिए ? भवदीय IYPRC TEAM