धैर्य कुछ समझ पाता इससे पहले ही उसकी नज़र एक बार फिर सामने मौजूद सिनेमा हॅाल की उस आगे वाली कुर्सी पर पड़ी, जहां अब एक औरत के बाल लटकते दिख रहे थे. धैर्य ने एक दो बार अपनी आंखें मसलीं और एक नज़र उसे फिर देखने की कोशिश की, मगर अब भी वो औरत जस की तस वहीं बैठी थी...
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