रात के करीब 2 बजे अचानक रागिनी की आंखे खुली, उसने महसूस किया कि कमरे की खिड़की खुली है, लिहाज़ा वो कमरे की खिड़की बंद करने को उठी, तभी उसकी नज़र सामने मौजूद पेड़ों के झुंड पर पड़ी, जहां एक औरत नुमा परछाई एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर उछलती नज़र आ रही थी...
 
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