"ये दुनिया भर के तमाम नाश्ते आलू से ही क्यों बनते हैं?" , चंदन  शरारती लहजे में हीर के किचन में दाखिल हो उसके बनाये आलूबड़े बड़ी ढिटाई से खाने लगा. " उफ़ तौबा ! न हाथ धोये , न प्लेट उठाई , न इजाज़त ली ! यह भी  कोई तरीक़ा है नाश्ता करने का !" 
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