बीस साल। वे अधलेटी हो सुस्ताने लगीं और सुस्ताते सुस्ताते मानों वे स्वयं ट्रिनिटी कॉलेज के कैम्पस में पढ़ने वाली सोलह साल की बालिका हो गई थीं, वही बालिका जिसके ज़मींदार पिता की तीन तीन पत्नियां होने के बावजूद भी वह एकलौती संतान रही...
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