एक धीमी सी मुस्कान जैसे उसके ख्यालों की दहलीज़ पर आ हांफते कांपते पूछती है, " ठीक तो हो ना ! " और उसके  बाद...जैसे वह उस लम्हें की क़ैद से बाहर ही न आना चाहता हो...
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