Categories
महाशमशान की महान भैरवी : शिवांगी
8 likes Religious
जय महाकाली जय महाकाल इस पुस्तक में मैंने अपने एवं अपने मित्रो के अनुभव जोड़े है ! इस पुस्तक में आपको आपके प्रत्येक प्रश्न के उत्तर प्राप्त हो, यह मेरी पूरी कोशिश है ! मैंने माँ के आशीर्वाद रूपी प्रेरणा से इस पुस्तक को निर्मित किया है एवं स्वयम सहित इस पुस्तक को महाकाली जी के चरणों में भेंट किया है ! सब चाहते है सभी को श्री राम जैसा सर्वोत्तम गुणी पुत्र प्राप्त हो, लक्ष्मण भारत शत्रुघ्न जैसे भाई मिले, माता सीता जैसी गुणी पत्नी प्राप्त हो, हनुमान जी और मीरा जी जैसी भक्ति प्राप्त हो तो मैंने इस पुस्तक में वह विधान लिखा है जिससे आप ऐसी गुनी संतान प्राप्त कर सकते है .. श्री राम आदि तो अवतारी थे .. यहाँ जो विधान है वह सर्वोत्तम है आपको अपने बच्चो के पीछे लट्ठ ले कर समझाना नहीं पड़ेगा ! यक़ीनन आप सोच रहे होंगे क्या मैंने इस विधान का उपयोग किया है .. तो हा मैंने भी किया है और मेरी बेटी ऐसी है जो कम समय में तीव्रता से सिख लेती है, स्वतः पढ़ाई करती है, अपने आप में कुछ न कुछ करती ही रहती है, स्कूल से कोई शिकायत नहीं सबसे ज्यादा पसंदीदा है मेरे खानदान में .. तो मैं कह सकता हूँ ये विधान आज भी कार्य कर रहा है ! आपकी समस्या क्या है ? आप उस समस्या को क्यों फेस कर रहे है ? आपको धन की दिक्कत क्यों है ? पति अथवा पत्नी का स्वाभाव आपसे विपरीत क्यों है ? बच्चे क्यों नहीं हो रहे आपके ? आपके बच्चे गर्भ में ही क्यों मर जाते है ? आपने कभी किसी का बुरा किया नहीं फिर आपके साथ ही बुरा क्यों होता है ? आप की कुंडली के अनुसार आपका पिछला जीवन क्या था ? आपके बच्चो का मन पढाई में क्यों नहीं लगता ? तंत्र सिखने के लिए शिव जी ने किस उम्र को उचित बताया है ? तंत्र क्या खतरनाक विज्ञान है ? तंत्र से सम्बंधित हर प्रश्न का उत्तर इस पुस्तक में लिखने की कोशिश है ! आपमें से कई लोग आत्महत्या तक का विचार रखते है, जिसमे प्रेम में असफल, पढाई में असफल, असफलता का भय, लोग क्या कहेंगे का भय, माता पिता से भयभीत बच्चे, कर्ज में उलझन का भय, तकाजे का भय, व्यापार में घाटे का भय आदि आदि के कारन लोग आत्महत्या का विचार कर लेते है तो मेरा सुझाव है इस पुस्तक को पढ़े .. तंत्र का बेसिक आरम्भ करते हुए ये कथा /कहानी आपको बहुत कुछ सिखाएगी, मंत्र एवं विधान मैंने अपने अनुभव से लिखे जरुर है .. क्योकि मैं समझता हु की आप को तंत्र के समुद्र की गहराई का अंदाजा ही नहीं तो गहराई को नापेंगे कैसे ? चलो एक डूबकी लगाते है ... तंत्र के साथ अघोर विद्या और शाबर मंत्र के साथ अप्सरा, यक्षिणी और महाविद्या पर लिखने का प्रयास है .. जो कुछ मैंने किया है वह पुस्तक में समेटने की कोशिश है ! मंत्र को सार्वजानिक नहीं लिखा जाता ये मैं खुद कहता हु फिर भी मैंने पुस्तक में लिखा है .. क्यों ? सिर्फ इसलिए की आप उस विषय पर थोडा जान ले, गुरु धारण कर उस मंत्र एवं विधान को गुरु मुख से प्राप्त कर साधना करे ... असफल हो ही नहीं सकते लिख लो स्टाम्प पेपर पर ! इसलिए मैंने कभी ये नहीं कहा ये करो ये हो सकता है मैंने हमेशा कहा है ऐसा करो सफल हो जायेंगे ! पुस्तक लिखने का कारन कुछ नहीं, तंत्र के नाम पर लडकियों को नंगा कर सम्भोग करना, पैसे की लूटमारी करना इससे दुखी था ! तंत्र में स्त्री को मन से भोग लेने वाला भी साधक की श्रेणी में नहीं है ये बात पत्थर की लकीर है ! पैसे माँगना भी गलत है ... हाथ में लेना तो दूर की बात है ! पुस्तक को पढ़िए .. चिंतन मनन करिए ... फिर मुझसे संवाद करे ... जय महाकाली माँ जय महाकाल https://www.triansh.com/shivangi https://www.facebook.com/shamshanbhairvi/ https://www.facebook.com/gapsonline/
अनुराग शर्मा
Chitra Sharma
Kaushiki Kumari
+5