" भाभी ! एक ग्लास पानी मिलेगा क्या? " यूनिवर्सिटी से आ किताबें पटक, मैंने मोनिका भाभी से लाड़ लड़ाए। " लो जी! तुम क्या हल जोत कर आ रही हो, खुद उठ कर लो " वे बिना नहाये अपनी रसोई में प्रवेश नहीं करती थीं और जब उन्हें किचन में नहीं जाना होता था, हमारे लाड़ प्यार के सारे हथियार फ़िज़ूल जाते थे." 
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