जब प्रदीप नदी के किनारे उस मशाल के पास पहुंचता है, तो देखता है कि वहां कोई मशाल नहीं बल्कि एक जिंदा युवक की चिता जलाई जा रही थी. इस मंजर से ज्यादा खौफनाक था उस चिता के आस-पास तालियां पीटते और जोर-जोर चीखते 10-20 किन्नर. ये एक-एक करके प्रकट होते जा रहे थे...
Read more - Original news link
Be the first person to like this.
Similar news
शौर्य ने दादी से कहा कि उसे अकेले सोने की आदत है और फिर वो अपने कमरे में जाने लग...
30 May, 06:10
एक रोज़ जब आदित्य स्कूल से लौटकर घर आया, तो अपने बिस्तर पर बैठे आराम से फोन चला ...
01 June, 06:33
प्रियंका आज काफी थकी हुई थी, एक तो पूरे दिन शिफ्टिंग का काम ऊपर से किराये को लेक...
08 June, 06:50
स्मिता और राकेश का अपने नए फ्लैट में पहला दिन था. दोनों खुश थे कि आखिरकार उन्हों...
12 May, 05:29
घड़ी में करीब 2:30 बज रहे थे. बेहद खामोशी भरा मंजर था. पूरा अस्पताल चुप्पी की ज़...
20 May, 07:34
देर रात एंजेलिका और राजू पागलखाने पहुंच गए. अंदर दाखिल होते ही एंजेलिका बड़ा खौफ...
06 June, 06:16
हकीकत तो यह थी कि इंतज़ार तो मिस्टर आशीष राणे भी कर रहे थे, लेकिन अपनी रिहाई का....
13 May, 04:10
आरव ने देखा कि उन सलाखों पर एक ताला लटका हुआ है, जो लाल कपड़े में कैद है. आरव उस...
16 May, 08:08