देर रात एंजेलिका और राजू पागलखाने पहुंच गए. अंदर दाखिल होते ही एंजेलिका बड़ा खौफ महसूस करने लगी थी. अंदर का माहौल किसी जेल नुमा था. पागल कैद में थे, आधी रात भी उन्हें चैन नहीं था, पूरा पागलखाना चीख से गूंज रहा था...
 
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